Tuesday, 28 April 2020

Corona महामारी से जंग के बीच भारत पर मंडराया एक और खतरा

भारत इस समय कोरोना महामारी के संकट से जूझ रहा है। लेकिन इसी बीच एक भयावह खबर सामने आ रही है। कोरोना महामारी के बीच एक बड़ा संकट देश के मुहाने पर खड़ा है। वह संकट है विशाल टिड्डियों के दल के हमले का।





खबरों के अनुसार इन गर्मियों में पूर्वी अफ्रीका से आ रहा टिड्डियों का एक विशाल झुंड दक्षिण एशिया में हमला कर सकता है। टिड्डियों का यह दल खड़ी फसलों को पल में चट कर सकता है। इसने भारत की चिंताओं को बढ़ा दिया है।


खबरों के अनुसार सरकार को देश की जनता को कोरोना वायरस से बचाना होगा, वहीं दूसरी तरफ इन टिड्डियों के दल से खाद्य सुरक्षा भी करनी पड़ेगी। इसी वर्ष फरवरी के महीने में पंजाब और हरियाणा के खेतों में टिड्डियों के हमले की घटनाएं सामने आई थीं, जिसके चलते इन दोनों राज्यों को हाईअलर्ट पर रखा गया था।


इसके अलावा स्थिति से निपटने और टिड्डियों के हमले के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए इन दोनों राज्यों में स्पेशल सुपरविजन टीमें भी तैनात की गई थीं।


खबरों के मुताबिक अफ्रीका के हॉर्न से शुरू हुआ यह टिड्डियों का दल यमन, बहरीन, कुवैत, कतर, ईरान, सऊदी अरब, पाकिस्तान से होता हुआ भारत में घुस रहा है। पंजाब में कई खेतों पर टिड्डियों के इस दल ने हमला बोला है। टिड्डियों के इस हमले से भारत में खाद्य संकट पैदा हो सकता है।


माना जा रहा है कि इन टिड्डियों twenty अंडे देने के बाद twenty twenty twentyकर twenty twenty twenty twenty twenty twenty twenty इनकी संख्या twenty बढ़ twenty twenty twenty twenty twenty twenty (एफएओ) twenty twenty के twenty twenty twenty twenty twenty twenty twenty twenty forty forty forty forty forty


यह टिड्डे एक दिन में करीब thirty five thirty five thirty five thirty five thirty five thirty five thirty five thirty five, अगर यह मानते हुए कि एक व्यक्ति a pair of.3 three three three three three three three three three, इथोपिया, सोमालिया के अतिरिक्त अरब प्रायद्वीप के सऊदी अरब, ओमान, ईरान में टिड्डी की खराब स्थिति है।


अफ्रीका में तो खाद्य संकट पैदा हो गया है। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन की ओर से टिड्डी प्रभावित देशों के साथ हर सप्ताह स्काइप एप्लीकेशन पर मीटिंग आयोजित की जाती है।


संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मंगलवार को एक ब्रीफिंग में यूएन वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के कार्यकारी निदेशक डेविड बेस्ली ने चेतावनी दी थी कि कोरोना के बाद दुनिया को भूख महामारी का सामना करना पड़ सकता है।

Tuesday, 21 April 2020

जानें तबलीगी चीफ मौलाना साद ने इंटरव्यू में क्या-क्या कहा

कोरोना वायरस के कहर के बीच दिल्ली का निजामुद्दीन मरकज और उसके मुखिया मौलाना साद काफी समय से चर्चा में हैं। इस बीच तबलीगी जमात के मुखिया मौलाना साद ने अपने वकील के माध्यम से हिन्दुस्तान टाइम्स के साथ इंटरव्यू में कहा कि वह पुलिस की पूरी तरह से मदद करने को तैयार हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि मरकज की इमारत में किसी तरह की कोई गैर-कानूनी गतिविधि नहीं हुई। तो चलिए जानते हैं इस इंटरव्यू में मौलाना साद ने किन-किन सवालों का जवाब दिया है |


 

सवाल: क्या यह सही है कि आप पुलिस की जांच में मदद नहीं कर रहे हैं?

जवाब: यह पूरी तरह से गलत है। हमने हमेशा यह सुनिश्चित किया है कि अधिकारियों के साथ हर तरह से सहयोग करना जरूरी है; यह हमारा सौ वर्षों का इतिहास रहा है। यह सवाल से परे है कि जांच अधिकारियों का कोई समर्थन नहीं किया जाएगा। अब तक हमें दिल्ली पुलिस से जो भी नोटिस मिले हैं, उनका विधिवत जवाब दिया गया है।

सवाल: आप अपने ऊपर लगे आरोपों पर चुप क्यों हैं?

जवाब: डॉक्टरों की सलाह के मुताबिक, मैं सेल्फ क्वारंटाइन था और पुलिस इस तथ्य को जानती है और उसे मेरे ठिकाने के बारे में भी पता है। हम सोशल मीडिया के विशेषज्ञ नहीं हैं। इसलिए मेरी बात बहुत लोगों तक नहीं पहुंच सकती। मगर मैंने तुरंत तबलीगी के सदस्यों को संबोधित किया कि वे जहां कहीं भी हैं, आगे आएं और कोरोना वायरस को खत्म करने के उपायों में अधिकारियों का सहयोग करें, चाहे वह क्वारंटाइन हो, आइसोलेशन हो या जांच। 

सवाल: जमात को कथित बेहिसाब विदेशी फंडिंग पर आपका क्या कहना है? ईडी ने इस संबंध में आपके खिलाफ मामला दर्ज किया है।

जवाब: यह पूरी तरह से आधारहीन और गलत है। हम इस बात पर गर्व करते हैं कि मरकज में कभी कोई गैर-कानूनी गतिविधि नहीं हुई है और हम हमेशा इसे इसी तरह से बनाए रखेंगे। हमें अभी तक इस संबंध में कोई सूचना नहीं मिली है, ऐसे सभी आरोप मीडिया में ही चल रहे हैं हैं। मुझे यकीन है कि मैं इस तरह के किसी भी आरोप पर एक संतोषजनक स्पष्टीकरण दे सकूंगा, मगर इसके लिए मुझे पहले से पता होना चाहिए कि आरोप क्या है। 

सवाल: कुछ विदेशी जमातियों पर वीजा नियमों के उल्लंघन के आरोप हैं क्योंकि उन्होंने पर्यटक वीजा पर यात्रा की थी। मरकज ने ऐसा क्यों होने दिया?

जवाब: लोग दशकों से इस तरह से अनुमतियों पर हमारे देश में आ रहे हैं और अधिकारियों ने इसे कभी एक मुद्दे के रूप में प्वाइंट आउट नहीं किया। हम हमेशा मरकज निजामुद्दीन में विदेशियों की उपस्थिति की रिपोर्ट पुलिस अधिकारियों को देते हैं। यह दशकों से चली आ रही प्रथा है। अपनी सीमित समझ के मुताबिक, मैं यह देखने में सक्षम नहीं हूं कि यह वीजा नियम के उल्लंघन के लिए कैसे होगा। मरकज न तो किसी विदेशी को आमंत्रित करता है और न ही यह विदेशियों के लिए किसी वीजा को स्पॉन्सर करता है।

सवाल: क्या भारत में महामारी के प्रसार में मरकज जिम्मेदार है?

जवाब: यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ सदस्यों में कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। मगर तबलीगी जमात के अधिकांश सदस्यों में निगेटिव पाया गया है। क्या यह मरकज को 'बीमारी के लिए जिम्मेदार' बनाता है? आपको लगातार यह सवाल खुद से भी पूछना चाहिए कि भारत में कोविड-19 का पहला मामला कब दर्ज किया गया था और क्या कार्रवाई की गई? फरवरी के अंत में और पूरे मार्च के दौरान कितने अन्य स्थानों पर बहुत बड़ी सभाएं हुईं, क्या उन्हें बीमारी के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है?

सवाल: आपको कोविड-19 के बारे में पता था, आपने इवेंट रद्द क्यों नहीं किया?
जवाब: यह मार्च में होने वाला एक पूर्व निर्धारित कार्यक्रम था, जिसके लिए प्रतिभागियों ने दूर-दूर से पहुंचना शुरू कर दिया था। फरवरी के अंत तक और मार्च के मध्य तक सब कुछ सामान्य रूप से चल रहा था। जैसे ही जनता कर्फ्यू लगा, हमने कार्यक्रम को बंद कर दिया और मरकज में आए प्रतिभागियों को बाहर निकाल दिया।

सवाल: कई मुस्लिम नेता जमात पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे हैं।
जवाब: मैं ऐसी किसी भी मांग के बारे में नहीं जानता। मैं कहना चाहूंगा कि मुझे पता चला है कि कुछ मामलों में जहां रोगियों में कोविड-19 पॉजिटिव पाया गया और वे ठीक हुए हैं, उनके प्लाज्मा का उपयोग उपचार के लिए किया जा सकता है। मैं अपने तबलीगी जमात के दोस्तों से आग्रह करता हूं जो कोरोना से सफलतापूर्वक उबर चुके हैं, वे किसी भी जाति या धर्म के रोगियों को अपना प्लाज्मा दान करें, जो अभी इस बीमारी से लड़ रहे हैं।

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Friday, 17 April 2020

15 मई तक बढ़ी ये डेडलाइन लॉकडाउन के बीच करोड़ों लोगों को राहत

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कोरोना three खिलाफ जंग में भारत सरकार ने लॉकडाउन को three three three के three three three three. मतलब ये कि three three three three three three three three. संकट की इस घड़ी में सरकार ने देश के करोड़ों लोगों को राहत दी है |




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इससे पहले, फरवरी fifteen मार्च के अंशदान भरने की तारीख को क्रमशः fifteen fifteen और fifteen fifteen fifteen fifteen fifteen fifteen. इसका मतलब ये हुआ कि फरवरी की डेडलाइन तो बढ़ी है लेकिन मार्च महीने की डेडलाइन में कोई बदलाव नहीं हुआ है |

अहम बात ये है कि fifteen fifteen fifteen fifteen fifteen fifteen fifteen fifteen fifteen fifteen fifteen fifteen fifteen fifteen fifteen fifteen |

बता दें कि बीते साल केंद्र सरकार ने कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESI) के स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रम में नियोक्ता (संस्‍था या कंपनी)और कर्मचारियों के कुल अंशदान को half dozen.5 five five five four four four four four |


15 fifteen fifteen fifteen fifteen fifteen fifteen fifteen fifteen fifteen fifteen fifteen fifteen


अब नियोक्ता यानी कंपनी का अंशदान three.25 twenty five twenty five twenty five twenty five. इससे पहले नियोक्ता को four.75 seventy five seventy five seventy five seventy five seventy five seventy five.इसी तरह कर्मचारी का अंशदान one.75 seventy five seventy five seventy five zero.75 seventy fiveseventy five seventy five seventy five seventy five seventy five गया|

Wednesday, 15 April 2020

देशभर में कोरोना के मामले 12 हजार के करीब |

भारत में कोरोना वायरस का मामला लगातार बढ़ता ही जा रहा twelve। देश में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या twelve twelve twelve twelve twelve है, वहीं मृतकों का आंकड़ा भी four hundred four hundred four hundred four hundred four hundred four hundred four hundred four hundred four hundred four hundred four hundred four hundred four hundred four hundred one,000 से ज्यादा मामले सामने आए थे। 




कोरोना वायरस forty खतरे forty देखते हुए forty का दूसरा चरण देश में लागू है। forty forty के forty forty forty forty forty forty forty forty forty को forty forty forty forty forty लॉकडाउन forty forty forty forty forty forty forty forty forty forty forty

 वहीं दुनियाभर twenty कोरोना twenty eight बात करें तो इसके पॉजिटिव केसों की संख्या twenty twenty twenty twenty twenty twenty twenty twenty twenty twenty twenty में twenty 2600 रिकॉर्ड twenty eightें दर्ज की गईं। अब तक इस देश में twenty eight twenty eight twenty eight twenty eight twenty eight की मौत twenty eight twenty eight twenty eight

ये हैं उन शहरों के नाम, जहां 20 अप्रैल को खुल सकता है लॉक डाउन

देश में कोरोना वायरस के दस हजार से अधिक कन्‍फर्म केस हो चुके हैं। कोरोना वायरस से पीड़‍ित 339 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे हालत में, पीएम नरेंद्र मोदी ने देशव्‍यापी लॉकडाउन को three three three three three three three three three, कई सूबे पहले ही लॉकडाउन बढ़ा चुके थे। पीएम मोदी ने अपने भाषण में एक बात कही कि twenty हिस्सों में twenty twenty twenty twenty twenty twenty twenty twenty twenty twenty twenty twenty twenty कुछ twenty twenty twenty twenty twenty






पीएम मोदी के अनुसार, "20 अप्रैल तक प्रत्येक कस्बे, थाने और राज्य को और बारीकी से परखा जाएगा। एक सप्ताह तक और सख्ती होगी। वहां लॉकडाउन का कितना पालन किया गया है, उसने कोरोना से खुद को कितना बचाया है, उसकी समीक्षा की जाएगी। जो क्षेत्र अपने यहां हॉटस्‍पॉट नहीं बढ़ने देंगे, वहां पर twenty twenty twenty twenty twenty twenty twenty twenty twenty twenty twenty twenty twenty twenty twenty twenty twenty (बुधवार) twenty twenty twenty twenty twenty twenty


ऐसे में बताया जा रहा है कि जिन शहरों या जिलों में कोरोना के अधिक मामले नहीं रहेंगे वहां लॉक डाउन में छूट दी जाएगी। आपको बता दें कि स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा ऐसे शहरों कि सूची जारी कि गई थी, जहाँ पिछले कुछ दिनों से कोरोना के मामले सामने नहीं आए हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि अगर उन जिलों में आगे भी यही स्थिति रहती है, तो उन्हें लॉक डाउन में छूट मिलेगी।

ये हैं वे शहर :-

गोंदिया-महाराष्ट्र, राजनांदगांव, दुर्ग और विलासपुर- छत्तीसगढ़ ,देवनगिरि, उडुपी, तुमकुरु और कोडगू- कर्नाटक,वायनाड और कोट्टायम- केरल ,वेस्ट इम्फॉल- मणिपुर, साउथ गोवा-गोवा, राजौरी- जम्मू-कश्मीर, आइजोल वेस्ट-मिजोरम, माहे-पुडुचेरी, एसबीएस नगर-पंजाब ,पटना, नालंदा, मुगेर-बिहार, प्रतापगढ़- राजस्थान, पानीपत, रोहतक, सिरसा-हरियाणा, पौड़ी गढ़वाल- उत्तराखंड, भद्राद्रि कोट्टागुड़म- तेलंगाना में पिछले कई दिनों से कोरोना के मामले सामने नहीं आए हैं।

ये हैं वे शहर :-

गोंदिया-महाराष्ट्र, राजनांदगांव, दुर्ग और विलासपुर- छत्तीसगढ़ ,देवनगिरि, उडुपी, तुमकुरु और कोडगू- कर्नाटक,वायनाड और कोट्टायम- केरल ,वेस्ट इम्फॉल- मणिपुर, साउथ गोवा-गोवा, राजौरी- जम्मू-कश्मीर, आइजोल वेस्ट-मिजोरम, माहे-पुडुचेरी, एसबीएस नगर-पंजाब ,पटना, नालंदा, मुगेर-बिहार, प्रतापगढ़- राजस्थान, पानीपत, रोहतक, सिरसा-हरियाणा, पौड़ी गढ़वाल- उत्तराखंड, भद्राद्रि कोट्टागुड़म- तेलंगाना में पिछले कई दिनों से कोरोना के मामले सामने नहीं आए हैं।

यदि आपका खाता जनधन योजना के तहत नही आता है तो घबराए नही |


डाउन के कारण परेशान जन धन खातों से गरीब लोगों की मदद करने के लिए, मोदी सरकार ने five hundred five hundred five hundred five hundred five hundred five hundred, जिसमें 20.6 half-dozen half-dozen half-dozen half-dozen three three three three three three three three three, कई महिलाएं या व्यक्ति ऐसे हैं जिनके पास पहले से ही एक खाता है और वह जन धन योजना के तहत नहीं आते हैं। ऐसे में लोगों की यह मुश्किल बढ़ रही है कि पुराने खाते को जन धन में कैसे बदला जाए।

इसके लिए आपको कुछ सरल प्रसंस्करण करना होगा और आपका सामान्य खाता जन धन खाते में परिवर्तित हो जाएगा। आइए जानते हैं क्या हैं इसके कदम।

इसके लिए आपको एक फॉर्म भरकर सबमिट करना होगा। ऐसा करने के बाद, बैंक आपके खाते को जन-धन खाते में परिवर्तित कर देगा और आप उन सभी योजनाओं का लाभ ले सकेंगे, जो जन-धन के अंतर्गत आती हैं।